जो गरजते है वो बरसते नही मुहावरे का अर्थ क्या है, उदाहरण के साथ समझाइये?

"जो गरजते हैं वो बरसते नहीं" एक हिंदी मुहावरा है, जिसका अर्थ है कि जो लोग बहुत अधिक दिखावा या धमकी देते हैं, वे वास्तव में कोई ठोस कार्य नहीं करते। यह मुहावरा यह बताने के लिए उपयोग होता है कि कुछ लोग केवल बोलने में ही बड़े होते हैं, लेकिन जब कार्य करने की बारी आती है, तो वे कुछ नहीं करते।

**उदाहरण:**

1. **कार्यालय में:** यदि कोई कर्मचारी हमेशा अपने काम की बड़ी-बड़ी बातें करता है और कहता है कि वह बहुत बड़े-बड़े प्रोजेक्ट्स संभाल सकता है, लेकिन जब असली काम करने का समय आता है, तो वह कुछ खास नहीं करता। तब कहा जा सकता है, "जो गरजते हैं वो बरसते नहीं, ये बात इस कर्मचारी पर सही बैठती है।"

2. **राजनीति में:** कोई नेता चुनावी रैलियों में बड़ी-बड़ी घोषणाएं करता है और वादे करता है, लेकिन चुनाव जीतने के बाद अपने वादों को पूरा नहीं करता। तब लोग कह सकते हैं, "जो गरजते हैं वो बरसते नहीं, हमारे नेता ने बहुत वादे किए थे, लेकिन कुछ भी पूरा नहीं किया।"

3. **पढ़ाई में:** कोई छात्र हमेशा कहता है कि वह परीक्षा में बहुत अच्छे अंक लाएगा और क्लास में टॉप करेगा, लेकिन परीक्षा में अच्छे अंक नहीं ला पाता। तब उसके साथी कह सकते हैं, "जो गरजते हैं वो बरसते नहीं, वह हमेशा बड़ी-बड़ी बातें करता था, लेकिन अंक अच्छे नहीं आए।"

इस मुहावरे का उपयोग उन लोगों के लिए किया जाता है जो बहुत अधिक बोलते या धमकी देते हैं, लेकिन वास्तविकता में उनका प्रदर्शन कमजोर होता है।
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