तुष्टिकरण की राजनीति का अर्थ क्या है, उदाहरण के साथ समझाइये?

**तुष्टिकरण की राजनीति** का अर्थ है किसी विशेष समूह या वर्ग को खुश करने के लिए उनके प्रति विशेष रियायतें या सुविधाएं देना, अक्सर राजनीतिक लाभ प्राप्त करने के उद्देश्य से। इसका मतलब यह नहीं है कि सरकार या राजनीतिक पार्टी सभी के हित में कार्य कर रही है, बल्कि यह कि वह कुछ खास लोगों या समूहों को प्रसन्न करने का प्रयास कर रही है, चाहे उससे दीर्घकालिक रूप से अन्य समूहों या पूरे समाज पर नकारात्मक प्रभाव पड़े।

**उदाहरण:**

1. **धार्मिक तुष्टिकरण:** यदि किसी चुनाव के समय, एक राजनीतिक पार्टी किसी विशेष धार्मिक समुदाय को खुश करने के लिए उनके त्योहारों पर विशेष छुट्टियां घोषित करती है, या उन्हें विशेष आर्थिक पैकेज देती है, तो इसे तुष्टिकरण की राजनीति कहा जा सकता है।

2. **जातिगत तुष्टिकरण:** किसी पार्टी द्वारा किसी विशेष जाति या समुदाय के वोट बैंक को सुरक्षित करने के लिए उस समुदाय के नेताओं को टिकट देना या उनकी समस्याओं को अन्य समुदायों की समस्याओं से अधिक प्राथमिकता देना तुष्टिकरण की राजनीति का एक और उदाहरण हो सकता है।

3. **आर्थिक तुष्टिकरण:** यदि किसी क्षेत्र के लोगों को विशेष आर्थिक योजनाओं का लाभ केवल इसलिए दिया जाता है कि वे किसी राजनीतिक दल के समर्थक हैं, तो यह भी तुष्टिकरण की राजनीति का उदाहरण है।

**नुकसान:**
- इससे समाज में विभाजन और असंतोष पैदा हो सकता है।
- इससे दीर्घकालिक नीतियों और योजनाओं की अनदेखी हो सकती है।
- यह अक्सर न्याय और निष्पक्षता के सिद्धांतों के खिलाफ होता है।
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